I am going to post yantras of all 9 planets
in a series of post taking one yantra per post. These yantras can be
used to reduce the malefic effects of the corresponding planets. This post is the fourth in the series after Sun Yantra, Moon yantra and Mars Yantra. (Android users who are watching this post through my app (Astro Junction App) on their smartphones, should click on the title of the post above to see the complete post.)
In
this particular post I am going to post the yantra for planet Mercury.
This yantra is particularly used when Mercury is malefic. The use of this talisman helps the wearer overcome enemies.
Malefic Mercury causes forgetfulness, nervous disorders, hurdles in education, not doing well in studies, lack of concentration etc. This yantra helps in removing these bad effects. This
yantra is a very good replacement of Emerald, the gemstone of
planet Mercury. Yantras are much more effective than gemstones,
much cheaper than gemstones and do not have any side effects like
gemstones. So, if your Mercury is not giving you desired results, go for Mercury
yantra.
Things needed:
1) Twig of pomegranate tree; which should be sharpened from one end to give it the shape of a pen.
2) Ashtgandh. It is the mixture of eight things including musk, chandan, saffron etc. It is easily available in shops.
3) Small piece of bhoj patra You will get it easily in a pansaari shop. It is the outer skin of a specific tree.
4) Ganga jal (ganges water), if available. Optional.
5)Talisman enclosure made of copper.
It looks like the one given in the picture below. The enclosure comes
in various shapes like round, square etc. Shape does not matter.
These are all the things that you need. Muhurta: This yantra should be written in shukla paksha (bright half) on Wednesday in Mercury Hora or any other auspicious muhurta.
Procedure:
Take pinch of ashtgandh, add few drops of ganges water to it, if
available. If it is not available then add normal water to it. This is
to make the ink so that the above shown yantra can be drawn with this
ink.
After
making the ink, take the pomegranate twig and draw the
yantra
shown above with the ashtgandh ink on a small piece of bhojpatra. After
drawing the
yantra, allow it to dry. Once it is dried, fold the piece of the
bhojpatra
so that it fits inside the talisman enclosure and put it inside the
enclosure and close the enclosure. Your talisman is ready to be worn
now. You can wear it in a black or green thread around your neck or on
right arm. One should keep reciting the mantra of Mercury while making this
yantra.
Note: The above procedure has been given only for the educational purposes. There are too many intricacies involved in the preparation of the yantras and everything can not be explained in a blog post. Yantra creation is an art. Readers are requested to get the yantras made only by an experienced person to get the complete benefit.
If you are interested in having the Mercury Yantra which is made by me after following all the procedures, then please email me for the cost and mode of delivery.
मैं अपनी अगली कुछ पोस्ट में नव ग्रहों के यन्त्र देने जा रहा हूँ । अगर नवग्रह आपकी कुंडली में अच्छा प्रभाव नहीं दे रहे हैं तो आप इन यंत्रों का प्रयोग कर सकते हैं । सूर्य यन्त्र, चन्द्र यन्त्र और मंगल यन्त्र की पोस्ट के बाद इस पोस्ट में मैं बुध का यन्त्र देने जा रहा हूँ ।
जिनकी कुंडली में बुध क्रूर है और नीच प्रभाव दे रहा है उन्हें इस यन्त्र का प्रयोग करना चाहिए । नीच या खराब बुध से कई मुश्किलें आती हैं जैसे भूलने कि बिमारी, नाड़ियों से सम्बंधित रोग, तंत्रिका तंत्र की बीमारियां, पढ़ाई में मुश्किलें आना या पिछड़ना, एकाग्रता में कमी होना इत्यादि । इस यन्त्र का प्रयोग बुध के नकारात्मक प्रभावों पर लगाम लगाता है । यह यन्त्र पन्ना रत्न, जोकि मंगल का रत्न है, का बहुत अच्छा विकल्प है । यन्त्र रत्नों से कहीं ज्यादा शक्तिशाली होते हैं, सस्ते होते हैं और रत्नों की तरह इनका कोई नकारात्मक प्रभाव भी नहीं होता । इसलिए अगर आपकी कुंडली में बुध अच्छा नहीं है तो बुध का यन्त्र प्रयोग में लाएं ।
स्याही
बनाने के बाद अनार की डंडी लीजिये और इसे स्याही में भिगोकर ऊपर दिया हुआ
यन्त्र एक भोजपत्र के टुकड़े पर बनाइये । पूरा यन्त्र बना लेने के बाद इसे
सूखने के लिए रख दीजिये । सूखने के बाद भोजपत्र को मोड़ कर इतना छोटा बना
लीजिये की
यह ताबीज़ के खोल के अन्दर पूरा आ जाए । इसे खोल के अन्दर डाल कर खोल को
बंद कर दीजिये । अब यह ताबीज़ डालने के लिए तैयार है । इसे आप एक काले या हरे रंग
के धागे में अपने गले में या दायीं बाज़ू पर डाल सकते
हैं । इस
यन्त्र को बनाते हुए बुध का मंत्र लगातार जपते रहना चाहिए ।
नोट: ऊपर दी गयी विधि केवल पाठकों की शिक्षा हेतु दी गयी है । यन्त्र बनाने में बहुत सी बातों का ध्यान रखना पड़ता है और वो सारी बातें एक लेख में नहीं बतायी जा सकती हैं । यन्त्र बनाना एक कला है और पूरा फायदा लेने के लिए यन्त्र किसी अनुभवी व्यक्ति से ही बनवाना चाहिए ।
Note: The above procedure has been given only for the educational purposes. There are too many intricacies involved in the preparation of the yantras and everything can not be explained in a blog post. Yantra creation is an art. Readers are requested to get the yantras made only by an experienced person to get the complete benefit.
If you are interested in having the Mercury Yantra which is made by me after following all the procedures, then please email me for the cost and mode of delivery.
मैं अपनी अगली कुछ पोस्ट में नव ग्रहों के यन्त्र देने जा रहा हूँ । अगर नवग्रह आपकी कुंडली में अच्छा प्रभाव नहीं दे रहे हैं तो आप इन यंत्रों का प्रयोग कर सकते हैं । सूर्य यन्त्र, चन्द्र यन्त्र और मंगल यन्त्र की पोस्ट के बाद इस पोस्ट में मैं बुध का यन्त्र देने जा रहा हूँ ।
जिनकी कुंडली में बुध क्रूर है और नीच प्रभाव दे रहा है उन्हें इस यन्त्र का प्रयोग करना चाहिए । नीच या खराब बुध से कई मुश्किलें आती हैं जैसे भूलने कि बिमारी, नाड़ियों से सम्बंधित रोग, तंत्रिका तंत्र की बीमारियां, पढ़ाई में मुश्किलें आना या पिछड़ना, एकाग्रता में कमी होना इत्यादि । इस यन्त्र का प्रयोग बुध के नकारात्मक प्रभावों पर लगाम लगाता है । यह यन्त्र पन्ना रत्न, जोकि मंगल का रत्न है, का बहुत अच्छा विकल्प है । यन्त्र रत्नों से कहीं ज्यादा शक्तिशाली होते हैं, सस्ते होते हैं और रत्नों की तरह इनका कोई नकारात्मक प्रभाव भी नहीं होता । इसलिए अगर आपकी कुंडली में बुध अच्छा नहीं है तो बुध का यन्त्र प्रयोग में लाएं ।
आवश्यक सामग्री:
1) अनार के पेड़ की एक डंडी (टहनी) जिसके एक सिरे को तीखा करके कलम का आकार दे दिया जाए।
2) अष्टगंध जो की आठ चीज़ों, चन्दन, कस्तूरी, केसर इत्यादि का मिश्रण है । यह आसानी से पंसारी की दुकान में मिल जाता है ।
3) भोजपत्र: ये भी आसानी से पंसारी की दूकान से मिल जाता है ।
4) गंगा जल अगर उपलब्ध हो तो अन्यथा साधारण पानी भी लिया जा सकता है ।
5) ताम्बे का बना हुआ ताबीज़ का खोल। ताबीज़ कई आकार में आते हैं । आप कोई भी आकार का खोल ले सकते हैं ।
आपको यन्त्र बनाने के लिए इन सब सामग्रियों की आवश्यकता है ।
मुहूर्त: इस यन्त्र को आप शुक्ल पक्ष के बुधवार को बुध की होरा में बना सकते हैं । या फिर किसी और शुभ मुहूर्त में भी बना सकते हैं ।
विधि:
चुटकी भर अष्टगंध लें और इसमें गंगा जल या साधारण जल मिला लें । इससे आपकी
स्याही तैयार हो जायेगी जिससे आप ऊपर दिया हुआ यन्त्र बनायेंगे ।
नोट: ऊपर दी गयी विधि केवल पाठकों की शिक्षा हेतु दी गयी है । यन्त्र बनाने में बहुत सी बातों का ध्यान रखना पड़ता है और वो सारी बातें एक लेख में नहीं बतायी जा सकती हैं । यन्त्र बनाना एक कला है और पूरा फायदा लेने के लिए यन्त्र किसी अनुभवी व्यक्ति से ही बनवाना चाहिए ।
अगर आप पूरी विधि से मेरे द्वारा बनाया हुआ उपरोक्त बुध यन्त्र मंगवाने में रूचि रखते हैं तो कीमत जानने के लिए मुझे ईमेल करिए ।
Gaurav Malhotra
Namaskar gauravji,
ReplyDeleteMe apke blog ki bahut badi fan ban chuki hun aur roz ek baar visit karna jaise adat ban gayi ho sir.
Mujhe do cheezen janni thi
1.kya hun nau grahon ke yantra bana ke pehan sakte hen?
2.kya har yantra ke lie alag tehni chahiye ke ek se bana sakte he?
3. Is yantra ki puja vidhi kya he.
Aapke jawab ka intezaar rahega.
Apaka bahut bahut dhanyavaad.
Delete1) Jee haan aap banaa sakte hain lekin iske liye 9 yantra banaane ki jaroorat nahi hai 9 grahon ka ek yantra bhi aata hai jo main kuchh din mein post karoonga.
2) har yantra alag tehni se banaaya jaana chahiye. Tehni kabhi dobaara istemaal nahi karni chahiye. Iske alaawa aapko tehni aise hi tod kar nahi laani hai. Ek din pehle jaana hai aur ek ped chunna hai jisse aap lakdi todengi. Us ped ke saamne khade hoke prarthna karni hai aap kal uski tehni todne aayengi isliye us ped se sab bhoot pret yaksha kinnar hat jaayen. Phir agle din jaake te todne se pehle phir maafi maangni hai ped se jo use dard hoga uske liye aur phir tehni todni hai.
3) Ise banaate hue Om Bam Budhaaye is budh mantra ka lagaataar jap karte rahen aur phir banne ke baad ise dhoop agarbatti se pooja kariye aur phir se 108 baar budh ke mantra ka jap kijiye is yantra ko saamne rakhkar aur phir ise dhaaran kar lijiye
sir i have three weak planent in my horoscope venus,mercury and saturn can i make three different of their and wear them, is there any combition which planent yantra should not be wear with other planet yantra. do this yantra have side effect.
Deletethank you.
Yes you can wear them together. There is no side effect.
DeleteGaurav ji agar apka satwa ghar horoscope main neech ho usmain ketu or surya ho... to kia ker sakte hain... uski baja se meri married life main bahut halchal hai
ReplyDelete2. Again 7 wa ghar nich hor shani ho to. Usja kia upaya ho sakta hai... sucess to hai Lakin married life kharab hai... shani ko kaise kam keru so married life meana 7wa ghar thik ho sake .. Pls help me
Mujhe poora horoscope dekhna padega sirf ek ghar dekhkar main kuchh bata nahi sakta
DeleteGaurav ji is month ke last main sooraj grehan hai... is din konsi items donate kerni chahiyea jo ki suraj apke favor main ho jaye.
ReplyDelete2. Donate kerte samein koi mantra kerna jaruri hai
mera nam Noorie h meri umar 30 h meri janam din malum nahi h sadi nahi hui h sadi jaldi ho upay bataye me hindu bi hun muslim bi maa muslim h papa hindun aur ladke wale aate h dekhe pakka karte h fir mana kar dete h papa bachpan me margaye
ReplyDeleteSir ji plz make available free astro junction app for windows phone also.....
ReplyDeleteI will surely think and act on it when I get some free time.
DeleteI want to buy budh yantra on bhojpatra. I want to know are you selling or not? Can you please suggest reliable source?
ReplyDeleteYes I am selling it. You can contact me at jyotishremedy@gmail.com
DeletePlz send me budh yantra. I have need it
ReplyDeletePlease send me an email at jyotishremedy@gmail.com
DeleteSir my son has speech delay he is 4 years now how can I know whether his mercury is bad so he needs budh tantra pls check
ReplyDelete01-05-2014 6:17 PM PLACE VUYYURU
PLS CONFIRM
Namaste Sir,
ReplyDeleteI have a very small query. My date of birth is 6/11/1971 at 4: 53 PM in kolkata. Please tell me if my mercury is malefic.
Hi, This is a good article but the yantra shown here is incorrect. The middle row (4+8+6) and bottom row (11+12+7) do not add up to 24.
ReplyDeleteIt would be interesting to know if people have actually used the incorrect yantra and what results they think they got.
Very correct this is not correct yantra
DeleteThank you so much.It is vert valueble message for me.
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